जाने इतिहास के पन्नों में आज का दिन क्यों है ख़ास! 1 मार्च


Post Date : 01/03/2017

भारत का इतिहास अपने आप में कई महत्ता लिए हुए है. जिसके तहत इस देश का प्रत्येक दिन बहुत ख़ास है. इतिहास के पन्ने कई ऐसे राज़ अपने अंदर छुपाये है. जिनपर से जब पर्दा उठता है तो कई ऐसे वाक्या सामने आते हैं जिन्हें जानकर ना केवल देश के प्रति सम्मान जगता है, बल्कि और जानने का कौतूहल भी जाग उठता है. आइये जानते हैं आज के दिन की इतिहास में क्या महत्ता है.
महात्मा गाँधी ने आज सत्याग्रह की रखी थी नीव :- वर्ष 1919 में आज ही के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया था. बता दें कि आज ही के दिन महात्मा गाँधी ने सत्याग्रह आंदोलन करने के लिए अपना पक्ष रखा था. उन्होंने सत्याग्रह आंदोलन को अंग्रेज़ी हुकूमत द्वारा लिए गए रोलाक्ट एक्ट के खिलाफ करने का फैसला किया था.
अन्य कुछ झलकियाँ :-

  • 1775 में आज ही के दिन नाना फण्डनाविस व अंग्रजी हुकूमत के बीच पुरंधर संधि पर हस्ताक्षर किये गए थे.
  • 1908 में आज ही के दिन टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी का भारत की पहली अपनी कंपनी के रूप में गठन हुआ था.
  • 1950 में आज ही के दिन भारत की जनसंख्या 347,340,000 आंकी गयी थी.
  • 1961 में आज ही के दिन AN-12B को भारत लाया गया था, इसके साथ ही चीन से लगतार मिल रही धमकियों के बीच इसे सेना में डाला गया था.
  • 1962 में आज ही के दिन गया विश्वविद्यालय का नाम बदलकर मगध विश्वविद्यालय रख दिया गया था.
  • 1993 में आज ही के दिन भारत ने फेज्ड अर्रे रडार का निर्माण किया गया था, बता दें कि यह रडार आकाश मिसाइल के लिए बेहद ज़रूरी थी.


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