17 फरवरी: इतिहास के पन्नों में आज के दिन का महत्व


Post Date : 17/02/2017

भारत के इतिहास में हर दिन की बहुत महत्वता है.इतिहास के पन्नों को अगर पलटा जाए तो हर दिन कुछ विशेष घटा है जिसने अपना दर्जा इतिहास में अंकित कर दिया है. 17 फरवरी का दिन भी इतिहास के पन्नों में किस तरह महत्वपूर्ण है इसके कुछ प्रमुख अंशों को हम दर्शा रहे हैं.
17 फरवरी के इतिहास के प्रमुख अंश:-

  • 1618 में पहले ब्रिटिश एम्बेसडर सर थॉमस रो जहांगीर से मिलने के बाद इंग्लैंड लौटे थे.
  • 1670 में शिवाजी ने सिंह गढ़ फोर्ट पर मुघलों से फतेह हासिल की थी.
  • 1698 में आठ साल बाद औरंगजेब ने आठ साल बाद छोड़ दिया था.
  • 1883 में महान क्रांतिकारी वासुदेव बलवंत फाड़के का निधन हुआ था.
  • 1918 में क्रिकेटर और टेस्ट अंपायर वी कुमारस्वामी का जन्म हुआ था.
  • 1915: गांधी जी ने पहली बार शांतिनिकेतन का दौरा किया.
  • 1931: लॉर्ड इरविन ने गांधी जी का स्वागत वायसराय निवास में किया.
  • 1979: चीन की सेना ने वियतनाम पर हमला किया.
  • 1987: श्रीलंका के कुछ तमिलों ने हीथ्रो हवाई अड्डे पर अपने कपड़े उतारकर प्रतिरोध दर्ज किया.
  • 1948 में गोरखा रायफल्स बटालियन को 5th बटालियन आठ गोरखा का नाम दिया गया था.
  • 1968 में डॉक्टर कालीनाथ काटजू पशिम बंगाल के राजनेता का निधन हुआ था.
  • 1976 में अर्बन सीलिंग एक्ट लागू किया गया था.
  • 1980 में इंदिरा गांधी ने विपक्ष की नौ असेम्बली को डीसोल्व कर दिया था.
  • 1986 में महान भारतीय इतिहासकार कृष्णमूर्ति का निधन था.
  • 1991 में मशहूर कवि और समाज सेवक कृष्णा भाई मोटे का निधन हुआ था.
  • 1992 में खेल पत्रकार वी शेशधारी का निधन हुआ था.
  • 1992 में त्रिपुरा की सरकार गिर गयी थी.
  • 1993 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने “A day will come when India will remember her” लिखी थी.


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